संजय दत्त की गिरफ्तारी के पीछे था इस शख्स का हाथ!

क्या आपको मालूम है कि आज से 20 साल पहले ही जब किसी को यह पता नहीं था कि संजय दत्त के घर पर अवैध हथियार रखे हुए हैं तब यह खबर सबसे पहले किसने ब्रेक की थी, वह खबर ब्रेक की थी क्राइम रिपोर्टर बलजीत परमार ने बलजीत की खबर के बाद ही मुंबई पुलिस ने संजय दत्त को गिरफ्तार किया था |

संजय दत्त के खिलाफ बलजीत परमार का खुलासा

एक इंटरव्यू के दौरान बलजीत परमार ने खुद बताया कि संजय दत्त की गिरफ्तारी की खबर उन्हें कैसे और कब मिली थी 12 अप्रैल को मुंबई बम ब्लास्ट को एक महीना पूरा हो चुका था तब बलजीत पर मैंने सोचा कि माहिम पुलिस स्टेशन जाकर क्यों ना एक बार इस बात को फिर से दोहराया जाए | जब बलजीत परमार माहिम पुलिस स्टेशन पहुंचे तब एक सीनियर IPS ऑफिसर अपनी गाड़ी में बैठकर घर की ओर जा रहे थे, तब बलजीत परमार ने उन्हें रोक कर उनसे पूछा सर हालिया में हुए बम ब्लास्ट के बारे में कोई नई खबर सामने आई है क्या? आपको बता दें कि वह IPS ऑफिसर बलजीत परमार के काफी अच्छे दोस्त भी उन्होंने कॉन्फिडेंस से कहा कि एक MP के बेटे का नाम सामने आ रहा है और वह इतना कहकर गाड़ी में बैठ कर चल पड़े । उस दिन बलजीत परमार पूरे दिन असमंजस में पड़े रहे कि आखिर वह कौन MP हो सकता है जिसके बेटे का नाम सामने आ रहा है, क्योंकि बलजीत पर मारे क्राइम रिपोर्टर से तो उन्होंने अपने तरीके से छानबीन करने की कोशिश की जिसमें उन्होंने कई अलग-अलग पुलिस स्टेशन पर जाकर छोटे-बड़े पुलिस अधिकारियों से जानकारी हासिल करने की भरपूर कोशिश की लेकिन उन्हें कुछ हाथ ना लगा। दिन की समाप्ति के दौरान जब शाम के समय को दोबारा पुलिस स्टेशन गए तब उन्हें एक अधिकारी मिले बलजीत परमार ने अपने क्राइम रिपोर्टर के लहजे से पुलिस अधिकारी से पूछा हमें पता चला है कि आपने किसी MP के बेटे को गिरफ्तार किया है। 

तब अधिकारी बोले कि उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है उसकी अभी फौरन शूटिंग हो रही है जैसे ही वह शूटिंग से लौट कर वापस भारत आएगा तब हम उस पर कोई कार्यवाही करेंगे। इस अंधेरे में छोड़े गए तीर से बलजीत परमार का शक यकीन में बदल गया था कि आखिर वह MP कौन है और वह संदिग्ध अपराधी कौन है। बलजीत परमार समझ गए थे कि वह MP सुनील दत्त साहब है और वह संदिग्ध अपराधी संजय दत्त है। यह वाकिया तब का है जब संजय दत्त अपनी फिल्म खलनायक की शूटिंग में व्यस्त हैं यह फिल्म उनकी गिरफ्तारी के बाद रिलीज़ हुई थी और यह काफी बड़ी हिट फिल्म भी साबित हुई थी।

बलजीत परमार सुनील दत्त साहब को पहले से जानते थे जब वह यह खबर अपने अखबार में छपने वाले थे तब उन्होंने सुनील दत्त साहब के वर्जन को भी छापना मुनासिब समझा ।

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परमार ने दत्त साहब के घर पर फोन लगाया तब उन्हें पता चला कि वह जर्मनी गए हुए हैं जब जर्मनी में उनके एक कॉमन फ्रेंड को कॉल किया गया तब उन्होंने कहा कि दत्त साहब तो लंदन रवाना हो चुके हैं उन्होंने एक नंबर लंदन का भी दिया जब परमार ने लंदन के नंबर पर उन्हें फोन करने की कोशिश की तब वहां पर किसी ने बताया दत्त साहब लंदन से अभी रवाना हो चुके है।

परमार ने फोन पर जुड़े व्यक्ति से पूछा कि दत्त साहब लंदन से कहां चले गए हैं तो सामने वाले व्यक्ति ने उत्तर दिया कि दत्त साहब अमेरिका चले गए हैं तब तक परमार समझ चुके थे कि दत्त साहब उन्हें टाल रहे हैं ।
परमार का शक एकदम यकीन में बदल चुका था जब दत्त साहब उन्हें टाल रहे थे और दो बड़े अधिकारियों से भी उनकी इस सिलसिले में बात हो चुकी थी। इतना सब होने के बाद बलजीत परमार ने आखिरकार 15 अप्रैल 1913 को उनके अखबार में यह खबर छाप दी थी, रजत शर्मा उस समय एडिटर हुआ करते थे जब बलजीत परमार के पास कोई भी ठोस सबूत नहीं थे रजत शर्मा ने उन पर भरोसा किया और उनका साथ दिया।

यह खबर एक आग की तरह पूरे शहर में फैल चुकी थी संजय दत्त आतंकवादी गतिविधियों में दोषी पाए गए हैं और उनके घर पर एके-56 राइफल मौजूद थी। संजय दत्त की गिरफ्तारी के पीछे था इस शख्स का हाथ! खबर छपने के अगले दिन बलजीत परमार के पास संजय दत्त का फोन आया संजय दत्त ने कहा कि आप मेरे बारे में क्या गलत छाप रहे है, आप मुझे पुलिस कमिश्नर का नंबर दीजिए बलजीत जरा भी देर ना करते हुए संजय दत्त को कमिश्नर साहब का नंबर दे दिया। जब संजय दत्त ने कमिश्नर साहब से बात की तब कमिश्नर साहब ने उन्हें तसल्ली देते हुए कहा कि आप अपनी शूटिंग पूरी खत्म करके भारत लौट आइए। जब दोबारा संजय दत्त ने बलजीत परमार को फोन लगाया तब उन्होंने कहा कि आपके द्वारा लगाए गए इल्जाम बेबुनियाद है और मेरी बात कमिश्नर ऑफ पुलिस से हो चुकी है तब परमार बोले कि मैं तुम्हारे भले के लिए कह रहा हूं कि आपके पास जो अवैध हथियार रखे हुए हैं, उन्हें आप पुलिस को सौंप दीजिए और खुद को सरेंडर कर दीजिए। बलजीत परमार ने संजय दत्त को हिदायत दी कि वह अपने पास जो हथियार हैं अगर उसे पुलिस को खुद सौंप देते हैं तो उन पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज होगा जिसमे उन्हें  तीन साल की सजा हो सकती थी और अगर पुलिस उनके घर से हथियार बरामद करती है तो उन्हें TADA केस के मुताबिक सजा होगी।

संजय दत्त ने परमार की बात को नकारते हुए अपने दोस्तों की मदद से अपने घर में छुपे हुए राइफल को मिटा देने की हिदायत दी जब वह 19 अप्रैल को वापस भारत लौटे तब एयरपोर्ट पर उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और आगे की कार्यवाही हुई।

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